जी हाँ ! जो आपके चेहरे पर रंग नहीं जमाता -
शक्ल ख़राब दिखलाई देती है
उस आईने को चकनाचूर कर देते है आप ।
कल जो आईना आपने तोड़ा,
वे आपके चेहरे में असंतुलन बता रहा था।
लोग कहते रहे
दोष आईना का नहीं - आपका है -
आपकी दृष्टि का है।
लोग आपको वास्तविकता से अवगत कराते रहे
पर आप अपनी जिद्द पर अड़े रहे।
आपने एक साल में ही दस आईने बदलने का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया ,
नए आईने भी आपको संतुष्ट नहीं कर सके,
सलवटों से भरा चेहरा और भी डरावना दिखाई दिया -
परन्तु आपको कतई पसंद नहीं कि
आईना आपको डराए।
आपने फिर उस आईने को कूड़ेदान में डाल दिया ।
हमने आपको बार -बार समझाया
आईना झूठ नहीं बोलता,
आप आईना बदलते रहे ।
आईना रखने की आदत छूटेगी नहीं
कारण हर क्षण आप उसमें
अपना सुन्दर चेहरा ही देखना चाहते है -
आदत है बचपन की -
आत्ममुग्ध होना, प्रशंसा सुनने की चाहत है।
किन्तु आईना तो आईना है -
मनपसंद रूप को देख कैसे झूठ बोल सकता है?
खुश रहना आपकी आदत है ।
जो आईने आपको चिढ़ाते हैं,
आप उन्हें तत्काल बदल देते हैं।
आपने कभी नहीं सोचा कि आप अपनी सूरत और सीरत को बदलें -
बदलते हैं तो केवल आईना!
पर यह हमेशा याद रखें -
आईना कभी झूठ नहीं बोलता
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