Tuesday, 1 January 2013

अनोखा रिश्ता

बनाया है आपने एक अनोखा रिश्ता -
जो रिश्तों में बनाता है, एक और रिश्ता।
कहते है आप सदा -
हम पुरे विश्व समुदाय हैं एक दूसरे के रिश्ते,
हमे होता नहीं पता पर जड़ें हैं, इसकी इतनी मज़बूत कि,
इन्डोनेशिया, कलिफ़ोर्निया , टेक्सस, चीन, जापान,
मलेशिया से जोड़ते है हमे ये रिश्ते,
अटूट  अनंत, अखंड।
दिया है आपने एक अदभुत मिशाल ।
तरुमित्र बना अनजान लड़कियों का नैहर ।
देते है आप उन्हें खोइंछा -
बचाते हैं आप भारतीय संस्कृति , सभ्यता, परंपरा को हर क्षण ।
कितना भी कहूँ मैं - फिर भी होगी , छोटी मुँह बड़ी बात ।
आपकी सोंच , संवेदना , चिंतन, मनन ने
किया है मुझें संवेदित ।
हुआ है मेरे मन को,
आपके मर्मस्पर्शी , भ्रातृतुल्य मनोभाव ।
जब तक रहेगा जीवन -
मिलूँगी अवश्य वर्ष में एक बार -
होगा मेरी पुत्रवधुओं का ममहर,
आपका वह तरु-मित्र आश्रम विशाल ।

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